तेरी मोहब्बत की अगन अब भी बाकी है

मेरे दिल में दर्द का चुभन अब भी बाकी है,
सीने में मोहब्बत की अगन अब भी बाकी है,
तेरी मोहब्बत का पनाह मुझे न मिला तो क्या हुआ,
तेरे यादों के आशियानों में इक महल अब भी बाकी है,
मेरे दिल में दर्द का चुभन अब भी बाकी है,
सीने में तेरी मोहब्बत की अगन अब भी बाकी है॥

एतबार मुझे तुझ पर नहीं तेरे मोहब्बत के असर पे था,
एतबार मुझे तुझ पर नहीं मेरे प्यार के एतबार पे था,
लाख सितम कर ले तू मुझसे मेरे हमनशीन,
सब टूट गए पर एक एतबार अब भी बाकी है,
मेरे दिल में दर्द का चुभन अब भी बाकी है,
सीने में तेरी मोहब्बत की अगन अब भी बाकी है॥

सज़ा ले गैरों की मेहँदी अपने हाथों पे,
बसा ले घर तू अपना और खुश हो जा अपनी ज़िंदगी में,
आज भी तकती है निगाहें तेरे लौट आने के इंतज़ार में,
तेरे मोहब्बत की इक कसक दिल में अब भी बाकी है,
मेरे दिल में दर्द का चुभन अब भी बाकी है,
सीने में तेरी मोहब्बत की अगन अब भी बाकी है॥

खुश रहे तू अपनी दुनियाँ में अपनों के भीड़ में,
थाम के दामन गैरों के तू खुश रहे तेरे अपनों में,
मुझ बदनसीब का क्या कहीं पनाह मिल ही जाएगा,
अभी तो शुरू हुई है इम्तेहान-ए-मोहब्बत, जंग-ए-मोहब्बत अब भी बाकी है,
मेरे दिल में दर्द का चुभन अब भी बाकी है,
सीने में तेरी मोहब्बत की अगन अब भी बाकी है॥

खुशनसीब है वो जो तेरे संग ज़िंदगी बिताएगा,
तेरी हर खुशियाँ हर आँसू अपने पलकों पर सजाएगा,
मेरे ना होने से तुझे पर क्या असर होगा,
तेरे जाने से दिल में इक चुभन अब भी बाकी है,
मेरे दिल में दर्द का चुभन अब भी बाकी है,
सीने में तेरी मोहब्बत की अगन अब भी बाकी है॥
♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ Binod ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥

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